Deepavali 2018 – Diwali Kavita, Speech & Essay PDF in Hindi – Celebrate this Diwali with inspirational Kavita

By | November 2, 2018

Deepavali 2018 – Diwali Kavita, Speech & Essay in Hindi – Celebrate this Diwali with inspirational Kavita: Kavita or poems play an important role in our lives. It can be said that reading out a simple yet deep meaning Kavita can really provide relief to your burdened heart. Not all people have a complicated life, but the maximum numbers of people have problems in their marriage life, failure in career or not successful in their life. Kavita can really provide solace to these kinds of people who have lost all hope in their existence. All people do not like to spend their festive time of Diwali by making sweets, burning firecracker and eating outside at costly restaurants. But for some Diwali also means finding solace in reading Diwali Kavita. Kavita is really inspirational and changes the mood of the celebration. Kavita can be filled with quotes and sayings that can add meaning to your life and make it have a value added.

Diwali Kavita can make your evening get filled with nostalgic moments

You may have just arrived at your hometown from a distant far away land for celebrating Diwali. At such a moment if one of your friends share a Diwali Kavita, it would surely make you emotional. The Kavita that is available throughout the internet are very simple and have an in-depth meaning. So on reading them, you may remember that you too used to write poems when you were at college. So this Diwali, make it a sure that you call your friend with whom you grew up. Make a poem reading session in the evening time and see how all your friends walk down the memory lane and feel nostalgic about those college days when celebration had a different meaning. Make the evening special with some of the best ever Kavita that would be appreciated by all. Here you can read the complete Diwali Facts and Why Diwali is celebrated

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Deepavali 2018 – Diwali Kavita, Speech & Essay in Hindi – Celebrate this Diwali with inspirational Kavita

Diwali Kavita

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Emotion is a feeling that can be shared among people. Particularly during festivals, Kabita sessions need to be organized for making the evenings get filled with entertainment. All can rejoice the evening time with some of the memorable Kavita that can be read from the internet or can be also written by you. Here you will get the Diwali Kavita, Diwali Speech & Diwali Essay in Hindi for Kids & Students.

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Happy Deepavali / Diwali Kavita in Hindi fonts 2018

मन से मन का दीप जलाओ
जगमग-जगमग दि‍वाली मनाओ
धनियों के घर बंदनवार सजती
निर्धन के घर लक्ष्मी न ठहरती
मन से मन का दीप जलाओ
घृणा-द्वेष को मिल दूर भगाओ
घर-घर जगमग दीप जलते
नफरत के तम फिर भी न छंटते
जगमग-जगमग मनती दिवाली
गरीबों की दिखती है चौखट खाली
खूब धूम धड़काके पटाखे चटखते
आकाश में जा ऊपर राकेट फूटते
काहे की कैसी मन पाए दिवाली
अंटी हो जिसकी पैसे से खाली
गरीब की कैसे मनेगी दीवाली
खाने को जब हो कवल रोटी खाली
दीप अपनी बोली खुद लगाते
गरीबी से हमेशा दूर भाग जाते
अमीरों की दहलीज सजाते
फिर कैसे मना पाए गरीब दि‍वाली
दीपक भी जा बैठे हैं बहुमंजिलों पर
वहीं झिलमिलाती हैं रोशनियां
पटाखे पहचानने लगे हैं धनवानों को
वही फूटा करती आतिशबाजियां
यदि एक निर्धन का भर दे जो पेट
सबसे अच्छी मनती उसकी दि‍वाली
हजारों दीप जगमगा जाएंगे जग में
भूखे नंगों को यदि रोटी वस्त्र मिलेंगे
दुआओं से सारे जहां को महकाएंगे
आत्मा को नव आलोक से भर देगें
फुटपाथों पर पड़े रोज ही सड़ते हैं
सजाते जिंदगी की वलियां रोज है
कौन-सा दीप हो जाए गुम न पता
दिन होने पर सोच विवश हो जाते

 

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दी‍पक चारों और जल रहे दीपों का संसार दिवाली है मिष्ठान्नों और दीपों का त्योहार लक्ष्मी माता द्वार खड़ी जाओ दरवाजा खोलो नया काम अब शुरू करो और जय गणेश की बोलो धन दौलत का लेन-देन और शुरू करो व्यापार दिवाली है मिष्ठान्नों और दीपों का त्योहार मिष्ठान्नों के ढेर लगाओ आतिशबाजी छोड़ो लक्ष्मीजी गणेशजी सरस्वती हाथ सभी के जोड़ो घर-घर मिष्ठान्नों को बांटो आज यही व्यवहार दिवाली है मिष्ठान्नों और दीपों का त्योहार गली-गली बाजार द्वार सब सजे हुए क्या सुंदर थाल सजे पूजा के देखो जाकर हर एक मंदिर तुम भी पूजा थाल सजाकर हो जाओ तैयार दिवाली है मिष्ठान्नों और दीपों का त्योहार उजले कपड़े उजले आंगन चमक रहे घर द्वार खील बताशों और पटाखों के दिख‍ते अंबार घर-घर पर कंदील लटकते घर-घर बंदन वार दिवाली है मिष्ठान्नों और दीपों का त्योहार दीन दुखी बिछड़े-पिछड़े मित्रों को लाओ घर पर भूल गए थे भाग दौड़ में स्नेह लुटाओ उन पर परम पिता की कृपा हुई है सब पर आज अपार दिवाली है मिष्ठान्नों और दीपों का त्योहार।

 

साथी, घर-घर आज दिवाली!

फैल गयी दीपों की माला
मंदिर-मंदिर में उजियाला,
किंतु हमारे घर का, देखो, दर काला, दीवारें काली!
साथी, घर-घर आज दिवाली!

हास उमंग हृदय में भर-भर
घूम रहा गृह-गृह पथ-पथ पर,
किंतु हमारे घर के अंदर डरा हुआ सूनापन खाली!
साथी, घर-घर आज दिवाली!

आँख हमारी नभ-मंडल पर,
वही हमारा नीलम का घर,
दीप मालिका मना रही है रात हमारी तारोंवाली!
साथी, घर-घर आज दिवाली!

 

दीपों का त्योहार दीवाली।
खुशियों का त्योहार दीवाली॥

वनवास पूरा कर आये श्रीराम।
अयोध्या के मन भाये श्रीराम।।

घर-घर सजे , सजे हैं आँगन।
जलते पटाखे, फ़ुलझड़ियाँ बम।।

लक्ष्मी गणेश का पूजन करें लोग।
लड्डुओं का लगता है भोग॥

पहनें नये कपड़े, खिलाते है मिठाई ।
देखो देखो दीपावली आई॥

 

आओ मिलकर दीप जलाएं
अँधेरा धरा से दूर भगाएं
रह न जाय अँधेरा कहीं घर का कोई सूना कोना
सदा ऐसा कोई दीप जलाते रहना
हर घर -आँगन में रंगोली सजाएं
आओ मिलकर दीप जलाएं.

हर दिन जीते अपनों के लिए
कभी दूसरों के लिए भी जी कर देखें
हर दिन अपने लिए रोशनी तलाशें
एक दिन दीप सा रोशन होकर देखें
दीप सा हरदम उजियारा फैलाएं
आओ मिलकर दीप जलाएं.

भेदभाव, ऊँच -नीच की दीवार ढहाकर
आपस में सब मिलजुल पग बढायें
पर सेवा का संकल्प लेकर मन में
जहाँ से नफरत की दीवार ढहायें
सर्वहित संकल्प का थाल सजाएँ
आओ मिलकर दीप जलाएं
अँधेरा धरा से दूर भगाएं.

 

भई कैसा है उजियारा जब कि अमावस काली आई
बोले आकाश से पटाखे धरती पे दीवाली आई

नासमझी में चाशनी कढ़ाई से लार क्यों टपकाये
सजधज के बहुत, मिठाई से भरी वो थाली आई

दीये की ज्योति में भाव बदले रंग बदले ज़माने के
जीवन था बेरंग कितना, अब गालों पर लाली आई

क्यों सब थे नाराज, बैठे गाल फुलाये जब
दीपों से दीप जले तो घर में खुशहाली आई

बेसुध थी रात कुछ भान ओढ़ने का किसको?
अब नथनी नाक में और कानों में बाली आई

फैके हम पर निगाह फुरसत न थी घरवाली को
“ दीवाली मुबारक हो ! ” कहती हुई साली आई

 

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This Diwali is the best possible time to unload all your hidden feelings that have burdened your heart for a long time. You have remained busy in the professional world for so long, but now you are spending your leisure time. Diwali time is the right time to celebrate the power of Kavita reading. You must also share some Kavita for your relatives who have preferences for reading and listening to poems. It’s not that Kavitas are always emotional. It can be also meant for children and can motivate them to study with more zeal and interest. Kavita can be shared through Whatsapp and Facebook in this season of Diwali and people can be made aware of the importance of beautiful Kavita. Kavita recreates the thought that goes on within our heart and mind and provides a source for proclamation. Here you will get the Happy {Deepavali} Diwali Drawing 2018 – Competition Pictures, Paintings For Kids & School Students and Happy Diwali Jokes, Funny Messages & Memes for Instagram, Whatsapp & Facebook 2018.

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